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बढ़िया रेफ्रिजरेटर कैसे ख़रीदे ? जानिए रेफ्रीजिरेटर तकनीक को

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बढ़िया रेफ्रीजिरेटर खरीदने के लिए, रेफ्रीजिरेटर के तकनीक को जानना जरुरी है। इस लेख में हम बताएँगे रेफ्रीजिरेटर के प्रमुख तकनीक के बारे में। साथ ही, कैसे आप खरीद सकते है एक बढ़िया रेफ्रीजिरेटर जो आपके बजट में है, आपके घर के लिए उपयुक्त है। रेफ्रीजिरेटर को हिंदी में प्रशीतित्र कहते है। चुकी रेफ्रीजिरेटर शब्द ज्यादा आसानी से समझ में आता है शुद्ध हिंदी शब्द प्रशीतित्र के तुलना में, मैं यहाँ रेफ्रीजिरेटर शब्द का ही प्रयोग करूँगा।

→ क्या क्षमता ( कैपेसिटी ) होनी चाहिए आपके नए रेफ्रीजिरेटर की

सामान्यतः घरेलू रेफ्रीजिरेटर की क्षमता होती है कम से कम 45 लीटर से करीब करीब 650 लीटर तक। अब किस क्षमता का रेफ्रीजिरेटर खरीदना चाहिए, यह पुरी तरह से, खरीदने वाले के आवश्यकता पर निर्भर करता है। दो से चार सदस्यों वाले छोटा परिवार के लिए एक सिंगल डोर रेफ्रीजिरेटर, जिसकी क्षमता 165 से 250 लीटर के बीच है, बिलकुल सही होगा।

पांच से ज्यादा सदस्यों वाले परिवार में इस्तेमाल के लिए एक डबल या ट्रिपल डोर रेफ्रीजिरेटर लेना चाहिए जिसकी क्षमता कम से कम 250 लीटर हो। अगर परिवार में दस से ज्यादा सदस्य है तो साइड-by-साइड उच्च क्षमता वाले रेफ्रीजिरेटर खरीदना चाहिए।

आवश्यकता के अनुसार सही एनर्जी रेटिंग चुनिए: बिजली खपत के दो मुख्य कारण होते है रेफ्रीजिरेटर में। पहला, रेफ्रीजिरेटर के अंदर ठंडक बनाये रखने के लिए खपत होने वाला बिजली। दूसरा, बार बार रेफ्रीजिरेटर के दरवाजे को खोलने से होने वाले ठंढक के छय को फिर से पाने में होने वाला बिजली खपत।

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अतः घर में रेफ्रीजिरेटर के दरवाजे को खोलने वाले सदस्यों की संख्या अगर कम है तो, दो या फिर तीन एनर्जी स्टार रेटिंग वाला रेफ्रीजिरेटर सही है। ऐसे रेफ्रीजिरेटर सस्ते भी होते है। लेकिन जब आप एक उच्च क्षमता के रेफ्रीजिरेटर खरीदते है, जिसके ड़ोर को बार-बार खोला जायेगा तो कोशिश कीजिये, एनर्जी रेटिंग, कम से कम तीन से अधिक हो।

सिंगल डोर वाले रेफ्रिजरटर की एनर्जी स्टार रेटिंग ज्यादा होनी चाहिए। वहीं एक से ज्यादा डोर वाले रेफ्रिजेटर की एनर्जी स्टार रेटिंग अगर कम भी है तो चलेगा। जब एक सिंगल डोर वाले रेफ्रीजिरेटर के दरवाजे को खोला जाता है तो, कुछ ही पलों में, बहुत सारे ठंढक का छय हो जाता है। वहीं ज्यादा दरवाजे वाले रेफ्रीजिरेटर में जब दरवाजे को खोला जाता है तो सिर्फ उस भाग के अंदर के ठंडक का छय होता है।

→ सामान्य कंप्रेसर या फिर डिजिटल और इन्वर्टर कंप्रेसर

रेफ्रीजिरेटर में मुख्य कूलिंग यूनिट उसका कंप्रेसर होता है। दो तरह के कंप्रेसर अकसर देखा जाता है अभी जो भी मॉडल बिक रहे है बाजार में –  सामान्य और डिजिटल/इन्वर्टर। इन दोनों कंप्रेसर के काम करने का तरीका बहुत अलग है।

सामान्य कंप्रेसर स्टार्ट होने बाद पुरे गति से चलते है और तब तक चलते रहते है जब तक की रेफ्रीजिरेटर के अंदर का ठंढक उच्चतम स्तर तक नहीं पहुंच जाये। उसके बाद कंप्रेसर बंद हो जाता है। ऐसे कंप्रेसर वाले रेफ्रीजिरेटर, ज्यादा बिजली खपत करते है और ज्यादा आवाज पैदा करते है, चलने के दौरान।

डिटिटल या फिर इन्वर्टर कंप्रेसर वही, शुरुवात में कम गति से चलते है और धीरे धीरे गति में परिवर्तन करते हुवे एक सही ठंढक की स्तर को बनाये रखते है। इस कारण इन्वर्टर या फिर डिजिटल कंप्रेसर वाले रेफ्रीजिरेटर कम बिजली खपत करते है और कम आवाज भी पैदा करते है चलने के दौरान।

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छोटे रेफ्रीजिरेटर के लिए तो एक सामान्य कंप्रेसर सही है। लेकिन उच्च क्षमता वाले रेफ्रीजिरेटर में डिजिटल या फिर इन्वर्टर कंप्रेसर ही होना चाहिए। इन्वर्टर कंप्रेसर वाले रेफ्रीजिरेटर महंगे होते हो सामान्य कंप्रेसर वाले रेफ्रीजिरेटर के तुलना में।

​→ डायरेक्ट कूल रेफ्रीजिरेटर और फ्रॉस्ट फ्रीज रेफ्रीजिरेटर​

इस भाग में जानिए की – डायरेक्ट कूल रेफ्रीजिटर लेना चाहिए या फिर फ्रॉस्ट फ्रीज रेफ्रीजिरेटर। डायरेक्ट कूल पुरानी तकनीक है जबकि फ्रॉस्ट फ्रीज नवीनतम टेक्नोलॉजी है।

डायरेक्ट कूल रेफ्रीजिरेटर में, कुछ ही दिनों में बर्फ के थक्के जम जाते है। डायरेक्ट कूल रेफ्रीजिरेटर के पुराने मॉडल में रेफ्रीजिरेटर को बंद कर, बर्फ को खुरच कर निकलना होता था। लेकिन नए मॉडल में एक डेफोरेस्टिंग की तकनीक दी हुई होती है जो कुछ घंटो में रेफ्रीजिरेटर के अंदर जमे बर्फ पिघला कर निकल देती है।

फ्रॉस्ट फ्रीज रेफ्रीजिरेटर में फैन का इस्तेमाल होता है ठंडी हवा को नीचे तक, बराबर मात्रा में पहुंचने के लिए।  इसका फायदा यह है कि रेफ्रीजिरेटर के अंदर और बाहर बर्फ के थक्के नहीं जमते है। अतः फ्रॉस्ट फ्रीज तकनीक वाले रेफ्रीजिरेटर में डेफोरेस्टिंग नहीं करना पड़ता है। रेफ्रीजिरेटर के नए मॉडल बाजार में प्रमुखतः फ्रॉस्ट फ्रीज तकनीक के साथ ही आते है और सस्ते भी होते है।

→ रेफ्रीजिरेटर के सही रख-रखाव और इस्तेमाल के आठ बढ़िया तरीका

ब्यूरो ऑफ़ एनर्जी एफिशिएंसी, BEE ने कुछ बढ़िया तरीके बताये है रेफ्रीजिरेटर के सही रख-रखाव और इस्तेमाल के लिए। अगर आप BEE के बताये स्मार्ट उपाय अमल में लाते है तो आपके रेफ्रीजिरेटर ज्यादा चलेंगे, कम ख़राब होंगे, और बिजली भी कम खपत होगा।

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  1. रेफ्रीजिरेटर के आपपास कम से कम दो से तीन इंच खाली जगह रखिये ताकि आसपास खुली ताज़ी हवा की बराबर मात्रा बनी रहे।
  2. रेफ्रीजिरेटर को दूर रखिये गर्मी से, सूरज के किरणों मतलब धूप से, और खाना बनाने के ऐसे उपकरण जो काफी गर्मी पैदा करते है, जैसे की माइक्रोवेव ओवन, हीटर, रेडिएटर अन्य।
  3. रेफ्रीजिरेटर के क्षमता के अनुसार ही उसमें खाने पीने चीजें रखें। ठुस ठुस कर सामान रखने से रेफ्रीजिरेटर बंद भी पड़ सकता है।
  4. जितना हो सके रेफ्रीजिरेटर का दरवाजा कम खोलिये और उसे ज्यादा देर तक खुला मत रखिये।
  5. गर्म चीजों को पूरी तरह से ठंढा होने के बाद ही रेफ्रीजिरेटर के अंदर रहिये।
  6. गर्म चीजें अगर रखनी ही है तो उसे एक हवा बंद ( एयर टाईट ) डिब्बे में डाल कर, फिर रखिये रेफ्रीजिरेटर के अन्दर।
  7. रेफ्रीजिरेटर में रबर डोर सील को साफ रखिये और चेक करते रहिये की वह टाइट है या नहीं। डोर सील बदला जाना चाहिए या नहीं यह जानने के लिए एकटॉर्च ऑन कर रेफ्रीजिरेटर के अंदर रखिये फिर डोर को बंद कीजिये। क्या आप टॉर्च की रोशनी देख पा रहे है? अगर हाँ, तो रबर डोर सील बदलना होगा, अगर नहीं तो महीने भर बाद फिर से यह प्रयोग कीजिये।
  8. रेफ्रीजिरेटर के कॉन्डेसर कोइल पर अगर धूल जमा हो जाये तो, कंप्रेसर को ज्यादा तेज गति से चलना पड़ता है रेफ्रीजिरेटर के अंदर ठंढक को बनाये रखने के लिए। अतः समय समय पर, रेफ्रीजिरेटर के अंदर के सिस्टम की अच्छी सफाई कीजिए। हो सके तो एक एयर ब्लोअर रखिये और उसका इस्तेमाल कीजिये।
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